अध्याय 237: नोला की अंतिम जागृति

नोला लिन परिवार के घर में अकेली बैठी थी और दालान में लगी घड़ी की टिक-टिक सुन रही थी, जो हर गुजरते मिनट पर जैसे मुहर लगाती जा रही थी।

सालों में पहली बार घर में कोई नहीं था जो उसके बनाए हुए किस्से को सहारा देता रहे। न डेज़ी के आँसू थे। न कोई उठने-बैठने वाला “ख़ास” दोस्त धीमे सुर में यह कहने के लिए कि...

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